लेखनी कहानी -21-Jun-2022
विषय :- गुलाब 🌷🌷🌷🌷
आज खिली है घर में ,गुलाब की कली ।
जिससे महकती है, चारों गली ।।
गुलाब है नन्हा सा पौधा ,
कहता है यह सबसे ।
कसूर क्या था मेरा ,
जो मुझे बनाया काॅटो से ।।
गुलाब, गुलाब, गुलाब
अद्भुत है यह गुलाब ।।🌹🌹
नाम इस जहाँ में तुम जैसा कोई है ,
और ना ही तुम किसी के जैसे हो।
एकदम अलग आकृति है तुम्हारी ,
प्रकृति ने तुम्हारी सुंदरता अनमोल की है ।।
काॅटो की चुभन भरी है , तुम्हारे अंदर ।
फिर भी मुस्कराते रहते हो , तुम जीवन भर ।।🌹🌹
रबिना विश्वकर्मा
उ•प्र•जिला जौनपुर 222128
Seema Priyadarshini sahay
22-Jun-2022 10:30 AM
बहुत खूबसूरत
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Alfia alima
21-Jun-2022 10:00 PM
Nice
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Teena yadav
21-Jun-2022 09:58 PM
👍👍
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